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एक पैसे का एसएमएस भी चुनाव खर्च में जुड़ेगा
First Published:28-01-12 01:15 AM
नोएडा। चेतन आनंद। चुनाव प्रचार के लिए किए जाने वाला एक पैसे का एसएमएस भी प्रत्याशी के चुनाव खर्च में शामिल होगा। इसके लिए जिला प्रशासन पार्टी प्रत्याशियों के मोबाइल बिल जुटाएगा। प्रत्याशियों के सिम कार्ड तलाशने के लिए दो विशेष टीमें बनाई गई हैं। प्रत्याशी को मोबाइल बिल का खर्च भी अपने चुनाव रजिस्टर में दर्शाना होगा।चुनाव आयोग के सख्त निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने भी प्रत्याशियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। चुनाव प्रचार में प्रत्याशी का घोड़ा-गाडिम्यों के इस्तेमाल के अलावा उसकी खान-पान व्यवस्था, बिजली का बिल, चुनाव सभाओं पर खर्च का ब्योरा तो देखा ही जाएगा, उसके मोबाइल बिल पर भी निगरानी रखनी शुरू कर दी है।
जिला प्रशासन की एक टीम इसी काम में लगाई गई है। टीम को निर्देश मिले हैं कि वह हर प्रत्याशी के पास मोबाइल फोन व उनमें इस्तेमाल हो रहे सिम कार्ड की संख्या की जानकारी हासिल करे। इतना ही नहीं उसके नाम से उसकी किचेन कैबिनेट में चल रहे मोबाइल फोन व सिम कार्ड का भी पता लगाया जाए।
निर्देश के अनुसार प्रशासनिक टीम के अलावा स्थानीय खुफिया विभाग भी इन दिनों इसी काम में लगा है। मोबाइल कंपनियों से संपर्कपुलिस-प्रशासन की टीमें मोबाइल कंपनियों के संपर्क में हैं। कंपनियों से ये टीमें डुप्लीकेट बिल हासिल कर सकती हैं। इससे प्रत्याशी के चुनाव रजिस्टर से मिलान किया जाएगा। उसी आधार पर सही खर्च जोड़ा जाएगा।सोशल साइट्स का सहाराचुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के होर्डिग व पोस्टर-बैनर पर भी नजर गड़ा रखी है।
प्रत्याशी इससे बचने के लिए या तो सोशल साइट्स, फेसबुक और ट्वीटर का इस्तेमाल करने में लगे हैं या फिर कई मोबाइल सिम कार्ड के सहारे एसएमएस से मतदाताओं से जुड़ने की कवायद में जुटा है, लेकिन एक पैसे के भी एसएमएस पर पैनी नजर ने उसे दुविधा में डाल दिया है। दूसरा तरीका ढूंढाकई प्रत्याशियों ने एसएमएस करने का नया फंडज्ञ ढूंढ निकाला है।
वे इंटरनेट पर उन वेबसाइट्स से जुड़ने लगे हैं, जिनके माध्यम से मुफ्त एसएमएस भेजे जा सकते हैं। भाजपा व सपा प्रत्याशी के एसएमएस इसी तरीके से मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं।
मोबाइल बिल को प्रत्याशी अपने चुनाव रजिस्टर में जरूर दर्ज करेगा। इसके लिए विशेष टीमें निगरानी करेंगी। एक पैसे का एसएमएस भी चुनाव खर्च में गिना जाएगा।-सर्वजीत राम, सहायक रिटर्निग ऑफिसर
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