एयर इंडिया की हड़ताल को हाईकोर्ट ने कहा गैरकानूनी
अप्रैल में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 10.4 प्रतिशत बढ़ा
संगमा ने राजनीतिक दलों से समर्थन देने की अपील की
राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा नहीं करेगी संगमा का समर्थन!
कौमार्य को संपत्ति नहीं माना जाए: हाईकोर्ट
सीबीआई ने लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह से की पूछताछ
संसदीय समिति ने वित्त मंत्रालय की खिंचाई की
कम नहीं होती शाकाहारी पुरुषों की मर्दानगी
दुनिया में सबसे सुंदर मेरा घर अंटालिया: नीता अंबानी
अराजकतावादियों की हिटलिस्ट में इटली के पीएम
हत्या मामले में सबूतों के अभाव में एक बरी
संवाददाता गुड़गांव।
First Published:22-02-12 10:41 PM
पीसीआर पर तैनात थानेदार को जख्मी करने और उसके बाद हवलदार की टक्कर मार हत्या करने के आरोपी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल कुमार ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। पुलिस के अनुसार नौ दिसंबर 2009 को कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि बलेरो में कुछ लोग संदिग्ध रूप से बैठकर कही जा रहे थे। इस पर पीसीआर ने नाकाबंदी कर उनकों रूकने का संकेत किया। लेकिन बलैरो चालक नाका तोड़ कर निकल गए और ईएएसआई चिंरजी लाल को जख्मी कर दिया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीसीआर के पुलिस जवान को जख्मी कर दिया था। जबकि हवलदार बाबू लाल को गाड़ी से टक्कर से उसकी मौत हो गई। सिविल लाइन पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने व हत्या के प्रयास आदि का मामला दर्ज कर लिया था। जबकि सेक्टर 10 पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास व सरकारी काम में बाधा डालने आदि के तहत मामला दर्ज कर लिया था। जांच के दौरान पुलिस ने यूसफ पुत्र अली मुहम्मद, आजाद उर्फ काला, मुबारिक और तौफिक के खिलाफ मामले दर्ज कर चालान अदालत में पेश कर दिया था। बचाव पक्ष की वकील पूनम सिंह की दलीलों को सुनने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल कुमार ने सबूतों के अभाव में आरोपी आजाद उर्फ काला पुत्र राजेंद्रा सिंह निवासी बोहराकलां को बरी कर दिया।
00

टिप्पणियाँ
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल

