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सशर्त रिहाई अन्ना को मंजूर नहीं, अनशन जारी
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:16-08-11 10:33 AM
Last Updated:17-08-11 01:42 AM
सरकार को मंगलवार को तब मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा जब अन्ना हज़ारे ने उन्हें हिरासत में लिए जाने और अनशन करने से रोके जाने के 15 घंटे बाद तिहाड़ जेल से बाहर आने से इनकार कर दिया।
जेल के अंदर ही अनशन कर रहे 73 वर्षीय हजारे ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें जयप्रकाश नारायण पार्क पर बैठने की बिना शर्त अनुमति दी जाए, जहां उनकी आज सुबह से ही अनशन पर बैठने की योजना थी।
हजारे और उनके साथी कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में ही हैं और वहीं अनशन कर रहे हैं। बहरहाल, उनके अन्य साथी किरण बेदी, शांति भूषण के बाद मनीष सिसौदिया भी जेल से रिहा कर दिए गए।
सिसौदिया ने कहा कि हजारे ने अधिकारियों को बता दिया है कि वह जेल से तभी बाहर आएंगे जब उन्हें जयप्रकाश नारायण पार्क पर अनशन करने की बिना शर्त अनुमति मिल जाएगी। तिहाड़ जेल के महानिदेशक नीरज कुमार ने कहा कि हजारे अपने कमरे में हैं और उनकी रिहाई के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं लेकिन उन्होंने जेल से बाहर जाने से इनकार कर दिया है क्योंकि वह बेशर्त रिहाई चाहते हैं।
जेल के सूत्रों ने कहा कि हजारे की शर्तों के बारे में संबंधित अधिकारियों को अंतिम निर्णय के लिए अवगत करा दिया गया है।
नाटकीय घटनाक्रम के तहत दिल्ली पुलिस मयूर विहार स्थित एक फ्लैट में सुबह साढ़े सात बजे पहुंची जहां 73 वर्षीय हज़ारे रह रहे थे और अनशन के लिए जयप्रकाश नारायण पार्क जाने वाले थे। उन्हें फ्लैट से ही हिरासत में लिया गया। बाद में उनके साथी अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी, शांति भूषण, मनीषा सिसौदिया सहित सात अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया। दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में भी हजारे के कई समर्थकों ने गिरफ्तारियां दीं।
इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उनके द्वारा निजी मुचलका देने से इनकार किए जाने के बाद विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शाम को इन लोगों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। हालांकि, रात करीब आठ बजे दिल्ली पुलिस ने उनके लिए रिहाई वॉरंट जारी कर दिया।
हज़ारे और उनके साथी कार्यकर्ताओं को आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 और 151 के तहत एहतियातन गिरफ्तार किया गया क्योंकि पुलिस को यह लगा कि वे निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर संज्ञेय अपराध करेंगे। हजारे को कुछ देर सिविल लाइंस स्थित ऑफिसर्स मेस में रखा गया।
गांधीवादी कार्यकर्ता तिहाड़ केंद्रीय कारागार की जेल क्रमांक चार में और पूर्व आईआरएस अधिकारी केजरीवाल जेल क्रमांक 1 में हैं। दिल्ली में हज़ारे के 1,500 से अधिक, जबकि मुंबई में 1,000 से अधिक समर्थक हिरासत में लिए गए।
हजारे की साथी कार्यकर्ता किरण बेदी ने भी इसकी पुष्टि की, इस बात में कोई संदेह नहीं है कि हज़ारे अपना अनशन जारी रखेंगे। वह उसी स्थान (जयप्रकाश नारायण पार्क) पर जोर देंगे।
बहरहाल, उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें रामलीला मैदान पर अनशन की अनुमति देती है वह इसके लिए राजी भी हो सकते हैं। सुबह साढ़े सात बजे से जारी नाटकीय घटनाक्रम रात तक जारी रहे। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की राजनीतिक दलों ने कड़ी निंदा की और देश भर में हज़ारे के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
इससे पहले अन्ना हजारे द्वारा निजी मुचलका देने और जमानत लेने से इनकार करने के बाद उन्हें मंगलवार को सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हजारे को मंगलवार की सुबह हिरासत में ले लिया गया था।
अपराह्न तीन बजे के बाद उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उन्हें सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दिल्ली पुलिस आयुक्त बी़ क़े गुप्ता ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिस हजारे को न्यायिक हिरासत में भेजने की इच्छुक नहीं थी।
उन्होंने कहा कि अगर हजारे आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन नहीं करने संबंधी हलफनामा दे देते तो पुलिस उन्हें निजी मुचलके पर रिहा करने के लिये तैयार थी।
सूत्रों ने कहा कि चूंकि उन्हें हजारे ने हलफनामा देने से इनकार कर दिया, लिहाजा मजिस्ट्रेट ने उन्हें सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें सात दिन तक तिहाड़ जेल में रखे जाने की संभावना है।
हजारे के साथ ही किरण बेदी, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया को भी इसी आधार पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
हिरासत में लिए जाने के बाद भी अन्ना हजारे का अनशन जारी है। उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया जा रहा है। अन्ना हजारे मंगलवार सुबह जयप्रकाश नारायण पार्क में जनलोकपाल विधेयक की मांग को लेकर अनशन आरंभ करने वाले थे।
दिल्ली के मयूर विहार इलाके से अन्ना हजारे को हिरासत में लिया गया। उनके साथ करीब 250 समर्थकों ने भी गिरफ्तारियां दी। उनके मुख्य सहयोगियों- अरविंद केजरीवाल और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की पूर्व अधिकारी किरण बेदी और वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण को भी हिरासत में लिया गया।
अन्ना हजारे की गिरफ्तारी की खबर फैलने के साथ ही राजधानी भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इसके बाद पुलिस ने 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। अन्ना हजारे एवं केजरीवाल सुप्रीम एनक्लेव स्थित फ्लैट से जयप्रकाश नारायण पार्क जाने के लिए निकल रहे थे तभी लिफ्ट के पास सादी वर्दी में खड़े लगभग 20 पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
अन्ना हजारे को हिरासत में लिए जाने के समय वहां मौजूद सैकड़ों समर्थकों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने अन्ना हजारे के समर्थन में भी नारेबाजी की। किसी भी घटना से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। पुलिस ने सड़क पर किसी तरह की अनहोनी से बचने के लिए मानव श्रृंखला बना रखी थी।
हिरासत में लिए जाने से पूर्व अन्ना हजारे ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, ''मेरी गिरफ्तारी के बाद इस आंदोलन को मत रुकने दीजिए। यह आजादी की दूसरी लड़ाई है। पूरा विश्व जानता है कि भ्रष्टाचार किस कदर अपने पांव जमा चुका है।''
अन्ना हजारे ने कहा, ''मैं आपसे अपील करता हूं कि इस आंदोलन में किसी तरह की हिंसा न होने पाए। मैं युवा और बुजुर्ग लोगों से अपील करता हूं कि यदि जेल भरो आंदोलन की आवश्यकता पड़े तो आप अपने आठ दिन देश को समर्पित कीजिए।'' अन्ना हजारे के एक सहयोगी प्रशांत भूषण ने कहा, ''अन्ना हजारे को गिरफ्तार किया जाना गैरकानूनी एवं असंवैधानिक है। इस सरकार का लोकतांत्रित मूल्यों में कोई विश्वास नहीं है।''
कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने अन्ना हजारे की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। रोमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता किरण बेदी को राजघाट से हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्होंने कहा, ''जब अन्ना ने पुलिसकर्मियों से पूछा कि उन्हें किस आरोप में हिरासत में लिया जा रहा है। तो पुलिस ने कहा कि उन्हें ऐसा करने का आदेश दिया गया है।''
बेदी ने कहा, ''दिल्ली पुलिस इस तरह के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को सम्भालने में सक्षम है.. ये गिरफ्तारियां ऊपर के आदेश से ही हुई हैं। इस तरह के हथकंडे आपातकाल के दौरान अपनाए गए थे।'' उधर, कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि दिल्ली पुलिस पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव है।
राजनीतिक मामलों की कैबिनेट की बैठक के बाद उन्होंने कहा, ''पुलिस किसी राजनीतिक दबाव में नहीं है। पुलिस स्वतंत्र रूप से काम कर रही है।'' सोनी ने कहा, ''मैं मानती हूं कि अन्ना के समर्थक हिंसा नहीं करेंगे, लेकिन इस बात की गारंटी कौन दे सकता है कि दो-तीन प्रदर्शनकारी हिंसा नहीं करेंगे और सम्पत्ति को या किसी की जान को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे?''
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टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(33)
अन्ना जी का आन्दॊलन बिल्कुल सही दिशा मॆ जा रहा है| 1947 कॆ बाद पिछलॆ 64 वर्षो सॆ यॆ सरकारॆ इस दॆश की गऱीब जनता कॆ लियॆ कॆवल भूखमऱी,बेऱोजगाऱी,भ्रष्टाचाऱ,आत्मह्त्या करनॆ कॊ विवस करनॆ कॆ अलावा ऒर क्या दिया है ? यॆ तथाकथित राजनॆता जॊ इस समाज कॆ सबसॆ निक्रिष्ट सॊच कॆ लॊग है,जिन्हॆ इस दॆश की जनता कॆ प्रति कॊई हमदद्री नही है तभी तॊ यॆ तथाकथित राजनॆता अरबॊ रुपयॆ [दुनिया कॆ सारॆ दॆशॊ कॆ कुल कालॆधन सॆ ज्यादा]विदॆशॊ मॆ जमा कियॆ है| अब समय आ गया है कि इन कुकर्मियॊ कॊ अपनॆ कियॆ का फल मिलना ही चाहियॆ|इसकॆ लियॆ मै इस दॆश कॆ स्वाभिमानी और दॆशभक्त् युवा वर्ग सॆ आह्वान करता हू कि वॊ अन्ना जी के साथ आयॆ अमर शहीद् भगत सिह कॆ बलिदान को व्यर्थ ना जानॆ दॆ[जॊ उस नौजवान नॆ सिर्फ् 23वर्ष,4माह् 26वे दिन]वन्दॆमातरम् को गातॆ हुयॆ इस दॆश कॆ लियॆ हसतॆ_हसतॆ फान्सी के फन्दॆ पर झूल गयॆ|
By Nirmal Kumar Sharma (12th-September-2011 09:57:AM)
annaji sangharsh karo hum aapke sath hai
By virendra sen (19th-August-2011 10:19:PM)
aanna ji ko girftar kerna behut hi galat hai is ka virood kerta sey aajadi mili hai tab sey conresh nay sirf bharat ko loota hai kabhi dhram key naam per kabhi game key naam per to kabhi mehgai key naam tak hum log jo bhi bhugat rehey hai vo sub conresh ki hi den hai chahaey vo pakistan ho babri masjid ho chaina ho ya phir ghotaley ho to sabhi naey hi bharat ko loota hai per intan nahi pal bill ko benanay key baad usmai jo bhi fesey usko fhasi ki seja dey ni ek new bharat aur ajad bharat ka janm hona vesey is baar yeh aandolan rookeyga nahi aur agar is baar kiney koi bhi gadbar ki to usey bhi nahi choda jaye poori tereh sey aanna ji key pach mai hooo
By vikas singh (17th-August-2011 01:26:PM)
क्या अन्ना हजारे भारस्ताचार मिटा रहे है या लोगो के बिच और बढ़ा रहे है लोगो के बीच सिर्फ आक्रोश पैदा कर रहे है इन्हें हिरासत में लिए जाने की योजना बिलकुल सही
By akata (17th-August-2011 08:15:AM)
हमारे देश के नेता बिशेष रूप से कांग्रेसी नेता से mai janana चाहता hu kiआप के नेता मनीष तिवारी जी को आप लोग पहले भारतीय संस्कृती के बारे में बताये की अपने से बड़ो से कैसे बात किया जाता है! क्या मनीष मान्यवर अन्ना जी आप से उम्र में काफी बड़े नहीं है? aab रही कद की बात तो आप १६ अगुस्त से महसूस कर रहे होगे !रही बात जनमत की तो आप इतिहास को अवलोकन करे क्यों की जनता सक्ति को कम न ने कैयो को अर्स से फ़र्सpar लाया
By brajkumar. (17th-August-2011 07:59:AM)
16 august Bharat ko congressi apni jagir samajhkar apne hisab se kaam kar rahe lagta hai bharat se loktantra samapt ho congressiyo ne rajtantra sthapit kar liya hai wo v kroor koi kooch v nahi kar
By pankaj kumar gupta (17th-August-2011 07:38:AM)
मुझे तो ऐसा लगता है की राहुल गाँधी को प्रोजेक्ट करने के लिए बहुत बड़ी साजिश है उनके द्वारा यह कहलाया जाएगा की प्रधान मंत्री को भी लोक पल बिल के दायरे में लाया जाए बाद उन्हें हीरो बना कर मध्यावधि चुनाव करा के राहुल को प्रधान मंत्री बनाबे की मुहीम जारी है
By Shashi (17th-August-2011 06:22:AM)
अन्ना की गिरफ़्तारी सरकार का आत्मघाती और अदूरदर्शी कदम कांग्रेस को इसका खामिअजा भुगतना पद सकता है
By Rakesh Shamra (17th-August-2011 12:12:AM)
किया अन्ना कानून से उपर हैं अगर वे इस तरह कानून को नहीं मानेंगे तो सर्कार पर कानून तोड़ने और असंवैधानिक कार्य करने का आरोप कैसे लगा सकते हैं आप जिस कानून को बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं अगर इसी तरह कोई और आप के बनाये कानून को नहीं माने तो किया होगा
By ashok (16th-August-2011 11:08:PM)
किया अन्ना कानून से उपर हैं अगर वे इस तरह कानून को नहीं मानेंगे तो सर्कार पर कानून तोड़ने और असंवैधानिक कार्य करने का आरोप कैसे लगा सकते हैं आप जिस कानून को बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं अगर इसी तरह कोई और आप के बनाये कानून को नहीं माने तो किया होगा
By naiyer (16th-August-2011 11:00:PM)
अन्ना हजारे को हिरासत में लेना बिलकुल सही फैसला था अगर कोई घटना हो जाती तो कों जिमेदार कोण होगा
By ashok (16th-August-2011 10:15:PM)
अन्नाजी को गिरफ्तार करना ही सरकार की भरी भूल थी अन्नाजी भले काम के लिए ही जन लोकपाल बिल को सशक्त बनाने की मांग कर रहे हे इसे में सरकार की दनात्मक निति सरकार के लिए गले की फांस बन गई हे अन्नाजी का अनशन अभी समाप्त नहीं होगा और हम भी अपना अनशन सशक्त लोक पल बिल के संसद में भेजे जाने तक समाप्त नहीं करेंगे आगे आओ देश के नोजवानो भारत माता तुम्हे भ्रस्ताचार मक्त भारत बनाने के लिए मदद मांग रही हे कांग्रेस को सोचना ही पढ़ेगा की उनके साथी कितने भ्रस्ताचार में दुबे हे जिनके बल पर वो अन्नाजी जेसे पाक साफ़ छवि वाले अहिंसा पुरुष को जेल भेज कर रोकने की नाकाम कोशिश कार रहे थे जय हिंद जय भारत
By Naveen Kumar Tiwari (16th-August-2011 09:18:PM)
अन्नाजी को गिरफ्तार करना ही सरकार की भरी भूल थी अन्नाजी भले काम के लिए ही जन लोकपाल बिल को सशक्त बनाने की मांग कर रहे हे इसे में सरकार की दनात्मक निति सरकार के लिए गले की फांस बन गई हे अन्नाजी का अनशन अभी समाप्त नहीं होगा और हम भी अपना अनशन सशक्त लोक पल बिल के संसद में भेजे जाने तक समाप्त नहीं करेंगे आगे आओ देश के नोजवानो भारत माता तुम्हे भ्रस्ताचार मक्त भारत बनाने के लिए मदद मांग रही हे कांग्रेस को सोचना ही पढ़ेगा की उनके साथी कितने भ्रस्ताचार में दुबे हे जिनके बल पर वो अन्नाजी जेसे पाक साफ़ छवि वाले अहिंसा पुरुष को जेल भेज कर रोकने की नाकाम कोशिश कार रहे थे जय हिंद जय भारत
By Naveen Kumar Tiwari (16th-August-2011 09:18:PM)
aaj kaha gaye human rights jab terrorists ko fasi de jate hai to , unko pareshani hote aaj jab ek aadmi ko shantipuran ansan k liye apne desh main jagah nahi mail rahe to wo chup
wa re
By pankaj (16th-August-2011 09:17:PM)
अन्ना ने देश हित मैं एक सही कदम उठया है जिसका पुरे भारतीयों को ईमानदारी से समर्थन करना चाहिए | ये आने वाले कल की सुरुवात है | पर ये धेयान रहे इसमें हम किसी राजनितिक पार्टी का सहयोग न ले | मुझे नहीं मालूम अन्ना का अपना नजरिया किया है | पर आज देश को भार्स्ताचार से छुटकारा पाना ज़रूरी है | फालतू की बातो पर धेयान न दे |
By TABREZ KHAN (16th-August-2011 08:21:PM)
इंडिया सुपोर्ट अन्ना
By rajesh (16th-August-2011 07:52:PM)
अन्ना हजारे जी का आदर करता हु लेकिन क्या ये सही है में ये मानता हु की उनकी मुहीम सही है इस प्रकार सरकार पर दबाब बनाने सही नहीं है अगर हमें लोकपाल बिल बनाना है तो हमें किसी ऐसे पार्टी को वोट देने चाहिए जो ये बिल बांये नहीं तो ये लोकतंत्र नहीं है हम खुद तो वोट नहीं देते है ओर ऐसे पार्टी सत्ता में आ जाते है तो हम हिये हल्ला करते है ये सही नहीं है
By ashok (16th-August-2011 07:35:PM)
जेल में कलमाड़ी ने अन्ना से कहा, मेरे पास पैसा है, बंगला है, शीला है सोनिया है तेरे पास क्या है। अन्ना ने जवाब दिया मेरे पास भारत मां है।
By Radheshyam (16th-August-2011 06:16:PM)
कलमाड़ी को भी जेल, अन्ना हजारे को भी जेल। जय हिंद, जय भारत।जेल में कलमाड़ी ने अन्ना से कहा- तुम तो भोजन खाओगे नहीं, तुम्हारे हिस्से का खाना मैं खा जाउंगा।अन्ना हजारे का तिहाड़ में कनिमोझी, ए राजा और कलमाड़ी के साथ बंद होना यूपीए सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
इससे बड़ी बिडंबना क्या होगी कि दिल्ली पुलिस ने अन्ना को भी वहीं भेजा है जहां कलमाड़ी है।
By CHIRAG TRAVELS (16th-August-2011 06:10:PM)
अन्ना हजारे हम आपके साथ है और पूरा देश आपके साथ है हम
By sagar kaswan (16th-August-2011 05:14:PM)
Main bhi ANNA!!!! Who made Manmohan Singh a Sardar, that's what I would like to What the Sikh community is known for is valour, courage, grace - which of these can we find in our PM?
By Bharatram Gaba (16th-August-2011 05:05:PM)
अन्ना की गिरफ्तार करना अन्याय है। हम इसकी आलोचना करते है।
By Gautam kumar (16th-August-2011 03:55:PM)
Bharar के Rajnetao से Puchana है की kya Sambidhan me sansodhan नहीं हुआ है ? अगर हुआ है तो फिर कुओ (वही) नहीं होगा ? आपलोगों को खतरा है की aapki चोरी पकड़ी jayagi, और कमाने की जरिया ख़तम हो जन लोकपाल बिल आ गया तो चारा घोटाला में लालू को क्या huwa ? सिर्फ मुकदमा यानि तारीख पर तारीख यैसे आदमी को आपने मंत्री का पट दिया , कुओकी सरकार के रोब से न्यायपलिका को स्वतंत्र कार्य नहीं करने दी जायगी , यह सत्ता का दुरुप्याग नहीं तो और क्या ? अगर दम है तो जन लोक पल बिल (अन्ना) पर जनमत सर्वे करा ले हमेर संसद को चुनने वाला कोवन है ?
By akhilesh (16th-August-2011 03:29:PM)
बेचारे हाँ यही संबोधन मनमोहन जी के लिए ठीक होगा इतना लाचार प्रधान मंत्री भारत में कभी नहीं हुआ मंत्री लोग दोनों हाथो से देश को लूट रहे है भारत में सामान्य घरो में भी अगर छोटे गलती करते है तो घर का मुखिया तुरंत एक्शन लेता है और कई बार तो दंड भी देता है लेकिन यहाँ तो मनमोहन सिंह जी बिलकुल लाचार नजर आ रहे है उलटे जो याद दिलाते है उन्ही को दंड देने पर उतारू है
By NK TYAGI (16th-August-2011 02:55:PM)
ये सर्कार भ्रस्त है ,जो भारस्ताचार का बिरोध करने वालो को कुचलना चाह रही है , अन्ना को गिरफ्तारकर ना सरकार को बहुत मह्गा पर सकता है ,अन्ना जी भारत की १२० करोड़ जनता आप के साथ है
By rishikesh tiwari (16th-August-2011 02:34:PM)
wah re mere desh ka kanoon bhala karne chalo to jael ki roti aur kongress jaisa bhrast party desh ko rasatal me le ja raha hai koi bat nahi garibi is kadar jad jama chuki hai ki is se to behtar hamre desh jab gulam tha to behtar dosto agar desh ko bachana hai to brasth kongress ko jar se mita do aur anna ko sath do dusri bar desh ko gulami se mukat karo,
By Ravindra Singh (16th-August-2011 02:33:PM)
जागो कानपूर वासिओ जागो अभी नहीं तो कभी नहीं अन्ना के साथ आ जाओ
By KARUNESH (16th-August-2011 02:25:PM)
यह democracy की सरaसर
हत्या कहा जायेगा जो भी हो रहा है गलत ही हो रहा है ,सर्कार से अपील है की अन्ना जी को रिहा किया
By dksingh (16th-August-2011 02:11:PM)
अम्बिका सोनी को अन्ना हजारे को कानून सिखाने की जरुरत नहीं है अन्ना हजारे जो भी कर रहे है वह सही है इसमे सभी देश वाशियों को बद्चाद्कर भाग
लेना चाहिए इससे अपने देश का भला होगा नहीं तो ये लोग देश को बेच कर खा जायेगे
By om prakash (16th-August-2011 02:07:PM)
lokpal bane lekin pm ko is se bahar rakha se hatne ke bad usse lokpal ke dayre mein laya jaye kyonki PM ko kisi tarah ki dawab nahi aani chahiye kyonki is se desh ko nukshan
By Pulkit kumar (16th-August-2011 01:51:PM)
अन्ना हजारे जी ने ऐसा क्या अपराध किया जो सरकार ने उनको हिरासत में लिया , यह हमारे देश के लोकतंत्र को बहुत बड़ा अघात पहुंचा है , हमारी देश की सर्कार कटाई नीचता पर उतर आई है ,सर्कार एकदम खुद भ्रष्ट हो चुकी है और उसने आज उसका प्रमाण भी दे दिया है ,, अब कुछ भी हो हम सब अन्ना जी के साथ हैं ,यह एक जन आन्दोलन है सब हम भारतीयो का आन्दोलन है , अब बात बहले जान प्र क्यों न आजाये , हुम भी पीछे नहीं हटेंगे हजारे आप संघर्ष करो हम आप के साथ है ,और इन भ्रष्ट नेताओ को अब की मौत मरेंगे ,
अब परिणाम कुछ भी हो , अन्ना हजारे जी हम आप के साथ है ,
जय भारत माता की ,* वन्दे मातरम * जय हिंद *
By krishan kumar (16th-August-2011 01:13:PM)
आज वोट देने के अलावा कोई ऐसी बात नहीं जो हमें आजादी का अहसास दिलाती आज देश पर नेताओं, अधिकारिओं और वकीलों का राज इनकी शह पर देश में भ्रष्टाचार, व्यर्थ योजनाये, गुंडागर्दी, अत्याचार का साम्राज्य देश में संविधान की धज्जियाँ उड़ रही गलत बात को लागु करने के लिए संविधान में तुरंत संशोधन कर दिया जाता सही और जनहित के मुद्दों पर कभी संसद में सहमती नहीं परिणामतः आजादी की लड़ाई तो आरम्भ होनी ही अभी तो शुरुआत इस देश की लोकतान्त्रिक व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन कर एक नयी शासन व्यवस्था की जरूरत
By Pramod Verma (16th-August-2011 12:08:PM)
लानत है सरकारी क़ानून पर इसने जंगल के क़ानून को भी मात दे शक्ति का बुरी तरह दुरूपयोग कर रहे हमारे वोट से पैदा हुए 'जनसेवक' मतलब धूर्त नेता
By Pratul (16th-August-2011 10:57:AM)
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