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राहुल गांधी की एक फाइल फोटो।
लोकपाल भी हो सकता है भ्रष्ट, संवैधानिक संस्था होः राहुल
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:26-08-11 12:33 PM
Last Updated:26-08-11 08:49 PM
एक प्रभावी लोकपाल के लिए इतने दिनों से चल रहे आंदोलन पर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने पहली बार बोलते हुए संसद में एक सुझाव दिया कि लोकपाल को एक संवैधानिक संस्था बना दिया जाए, जैसाकि चुनाव आयोग है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ एक कानून से भ्रष्टाचार नहीं मिटेगा, इसके लिए कई कानूनों की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा कि आज भ्रष्टाचार से हर व्यक्ति परेशान है, इससे निपटने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कोई आसान रास्ता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लोकपाल भ्रष्ट हो गया तो क्या होगा। राहुल ने कहा कि मौजूदा हालात को देखकर मैं परेशान हूं, जब संवैधानिक प्रणाली पर ही सवाल उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतने सालों की आजादी के बाद भारत की एक अहम उपलब्धि उसकी संसदीय प्रणाली है, जिस पर सवाल उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लोकपाल के मुद्दे पर संसद की सर्वोच्चता पर सवाल उठाया गया है, कल किसी और मुद्दे पर इस प्रकार का सवाल उठाया जा सकता है। इसलिए संसदीय प्रणाली के तहत संसदीय सर्वोच्चता को बरकरार रखते हुए लोकपाल को एक कानून बनाए जाने की बजाय एक संवैधानिक संस्था के रूप में स्थापित किए जाने पर भी विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कई स्तरों पर काम करने की जरूरत है। इसके लिए चुनाव में सरकारी फंडिंग, जमीन अधिग्रहण में पारदर्शिता एवं मजबूत कानून और खनन के क्षेत्र में भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए एक प्रभावी कानून की भी जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा लोकतंत्र को और मजबूत करना होगा। इस छोटे शहरों से लेकर सभी गांवों तक पहुंचाना होगा। तभी हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी। हालांकि राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे ने जिस तरह से लोगों को जागरूक किया है उसके लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि आज भ्रष्टाचार से हर व्यक्ति परेशान है, इससे निपटने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कोई आसान रास्ता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लोकपाल भ्रष्ट हो गया तो क्या होगा। राहुल ने कहा कि मौजूदा हालात को देखकर मैं परेशान हूं, जब संवैधानिक प्रणाली पर ही सवाल उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतने सालों की आजादी के बाद भारत की एक अहम उपलब्धि उसकी संसदीय प्रणाली है, जिस पर सवाल उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लोकपाल के मुद्दे पर संसद की सर्वोच्चता पर सवाल उठाया गया है, कल किसी और मुद्दे पर इस प्रकार का सवाल उठाया जा सकता है। इसलिए संसदीय प्रणाली के तहत संसदीय सर्वोच्चता को बरकरार रखते हुए लोकपाल को एक कानून बनाए जाने की बजाय एक संवैधानिक संस्था के रूप में स्थापित किए जाने पर भी विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कई स्तरों पर काम करने की जरूरत है। इसके लिए चुनाव में सरकारी फंडिंग, जमीन अधिग्रहण में पारदर्शिता एवं मजबूत कानून और खनन के क्षेत्र में भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए एक प्रभावी कानून की भी जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा लोकतंत्र को और मजबूत करना होगा। इस छोटे शहरों से लेकर सभी गांवों तक पहुंचाना होगा। तभी हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी। हालांकि राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे ने जिस तरह से लोगों को जागरूक किया है उसके लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
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टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(7)
लोकपाल से भ्रष्टाचार ख़त्म नहीं होगा,ऐसा फरमाना है हमारे देश के युवा ICON तथा कान्ग्रेसिओं के मुताबिक, देश के होने वाले प्रधानमंत्री का ,यदि ऐसा है तो फिर राज्यों(गुजरात) में लोकायुक्त क्या करेंगे ? राहुल ने कहा," यदि लोकपाल भी भ्रष्ट हो गया तो क्या करेंगे ? बात में दम क्या हमारे संविधान निर्माताओं ने एक पल के लिए भी सोचा था की एक दिन चोर,डाकू और लुटेरे,ये देशद्रोही कथित नेता संसद पर कब्ज़ा कर देशवासिओं को बंधक बना लेंगे?
वास्तव में देश के सभी भ्रष्टाचारी,लुटेरे,चोर गद्दार एक हो गए हैं अन्ना के आन्दोलन के विरुद्ध क्यूंकि उन्हें मालूम है,जैसा की राहुल गाँधी ने कहा,"भ्रष्टाचार ख़त्म होने से लोगों की गरीबी ख़त्म और इस के साथ साथ इन भ्रष्टाचारियो की अमीरी भी खत्म
By kuldeep sehdev (26th-August-2011 07:38:PM)
राहुल गांदी पहले आप janlokpaal पास करो फिर दूसरा कानून banane की बात पोलिटिक्स मत करो ok
By raju (26th-August-2011 03:59:PM)
मुझे लगता है कि राहुल जी ने बास्तव में जन्लोक्पल प्रकरण पर गंभीरता से सोचा मैं उनके विचार से सहमत हूँ चलो देर आए दुरुस्त अब समय है विचारो को मूर्त रूप दिया जाय और भ्रस्टाचार के विरुध प्रवल संवेधानिक कानून या संस्था की स्थापना कि जाय जिससे देश कि जनता को संसद और सरकार पर विश्वास और भी मजबूत हो जय हिंद , जय भारत
By gyan (26th-August-2011 02:15:PM)
जल्द बाजी एबम दबाव मे लिया गया फेसला गलत हो सकता है किर्पया सोच समझ कर फेसला होना चाहिए
By akhileshSaxena (26th-August-2011 01:40:PM)
अगर आप की पार्टी नियुक्त करेगी तो जरूर भर्स्ट होगा
By arvind (26th-August-2011 01:28:PM)
suzav अच्छा shri rahul gandhiji ko yeh khayal rakhna chahiye ki shri anna hajareji ne apne star par is baat ka ullekh pahle hi kiya jan lokpal bill sarva sammti se pass hona yadi iska koi galat ya najayaz fayda uthatha hai to us par karvai bhi hona teen muddo par bat atki hai vah itne jatil nahi ki uske liye itna soch-vichar hona accha JAN LOKPAL BILL pass ho sub yahi chahte Aaj aam admi bahut trast JLB aaj ki jarurat
By RAJESH KUMAR BHARAT (26th-August-2011 01:11:PM)
वैसे तो इस महान देश में 'राष्ट्रपति' भी संवैधानिक पद है, प्रधानमंत्री भी हैं, सीवीसी भी हैं, सीबीआई है ये या तो कप हैं या स्वयं भ्रष्ट इसलिए इनसे भिन्न एक 'सत्ता' की जरूरत सबसे अच्छा होता की लोकपाल जनता द्वारा सीधे चुना इससे उसके अधिकार और उसके 'वजन' में एकरूपता एक छोटी सी टीम द्वारा इतने शक्तिशाली व्यक्ति का चुनाव करना ठीक नहीं
By Anunad Singh (26th-August-2011 12:49:PM)
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