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फिर जीत गईं ममता टल गया एनसीटीसी
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता
First Published:22-02-12 11:41 PM
खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) के मुद्दे पर भी दबाव बनाने में कामयाब रही हैं। ममता के विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार मुख्यमंत्रियों के साथ आमराय बनाने की प्रक्रिया पूरी होने तक इस फैसले पर फिलहाल अमल नहीं करेगी। ममता के साथ यूपीए के दूसरे घटक भी इस केंद्र का विरोध कर रहे हैं।
एनसीटीसी के मुद्दे पर ममता ने बुधवार शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि उन्होंने एनसीटीसी के गठन पर रोक लगाने की मांग की है। ममता के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि यह फैसला 2001 में तब की एनडीए सरकार ने किया था। इस पर उन्होंने कहा कि जब एनडीए सरकार ने इसे लागू नहीं किया तो दस साल बाद यूपीए सरकार क्यों कर रही है।
ममता के मुताबिक, प्रधानमंत्री काफी चिंतित थे और उन्होंने कहा कि इस बारे में गृहमंत्री को मुख्यमंत्रियों से बातचीत करने के लिए कहा है। ममता ने मांग रखी कि जब तक आमराय नहीं बनती, एनसीटीसी पर अमल नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि, एक तरफ सरकार राज्यों से बातचीत करती है और दूसरी तरफ एनसीटीसी की स्थापना करती है तो इससे भ्रम पैदा होगा। प्रधानमंत्री इससे सहमत नजर आए।
मुलाकात के दौरान ममता ने फरक्का बैराज का भी मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मार्च तक बैराज के गेट नंबर 13 और 16 की लीकेज को बंद कर दिया जाएगा।
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