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परीक्षा से पहले हेल्पलाइन पर दूर करें तनाव
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:06-02-12 04:58 PM
बच्चों की बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक हैं और ऐसे में न सिर्फ बच्चों बल्कि उनके अभिभावकों को भी तनाव होने लगा है। इसी के साथ बच्चों को परीक्षा सम्बंधी तनाव से उबारने में मदद के लिए हेल्पलाइन सेवाएं शुरू हो गई हैं।
परीक्षा नियंत्रक निकाय की प्रवक्ता रमा शर्मा ने कहा, ''छात्रों को तनाव से उबारने, उनकी पाठ्यक्रम सम्बंधी परेशानियों को दूर करने, उन्हें समय प्रबंधन तकनीकें सुझाने व करियर मार्गदर्शन देने के लिए सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल) ने एक फरवरी से ही अपनी हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी है।''
उन्होंने कहा, ''इस साल की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए यह हमारी पहले चरण की काउंस्लिंग है।'' परीक्षाएं मार्च में शुरू होंगी और अप्रैल मध्य में समाप्त होंगी। शर्मा ने कहा कि छात्रों को बताया जाएगा कि परीक्षाएं अंत नहीं हैं बल्कि उनके जीवन की सिर्फ एक और महत्वपूर्ण घटना है।
टोल-फ्री नंबर 1800-180-3456 पर हेल्पलाइन के लिए सम्पर्क किया जा सकता है। सुबह आठ बजे से लेकर मध्यरात्रि तक सम्पर्क किया जा सकता है। यह नंबर 16 अप्रैल तक काम करेगा।
प्रवक्ता ने कहा, ''परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद एक बार फिर हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। पहले चरण में हम तैयारी के दौरान छात्रों की मदद करेंगे और दूसरे चरण में उन बच्चों की काउंस्लिंग करेंगे जो अच्छे अंक प्राप्त न करने पर परेशानी महसूस करते हैं।''
मनोचिकित्सकों का कहना है कि अभिभावकों की कॉलेज या स्कूल में अच्छा स्थान प्राप्त करने जैसी उम्मीदों के चलते बच्चों दवाब में आ जाते हैं। अपोलो अस्पताल के मनोचिकित्सक संदीप वोहरा ने कहा, ''बच्चों को एक ऐसी जगह की जरूरत होती है, जहां वे अपनी समस्याएं कह सकें।''
उन्होंने कहा, ''जब तनाव बच्चों की सहनशक्ति से अधिक बढ़ जाता है तो वे बातचीत करना छोड़ देते है, उनकी किसी काम में रुचि नहीं रहती और वे खुद को परिवार व समाज से अलग-थलग कर लेते हैं। असफलता के बाद छात्र सोचने लगते हैं कि अभिभावकों और रिश्तेदारों का सामना करने की बजाए आत्महत्या एक आसान विकल्प है।''
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक साल 2010 में असफल हुए 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 2,057 छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी।
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