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नेताओं की धड़कने बढा़ रहे हैं डाक मतपत्र
देहरादून, एजेंसी
First Published:21-02-12 05:23 PM
उत्तराखंड में डाक से मतपत्र मिलने का सिलसिला जारी है जिसके कारण राजनेताओं की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है।
राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी राध रतूडी का कहना है कि मतगणना छह मार्च को होगी और वोटों की गिनती का काम शुरू होने तक पहुंचने वाला हर डाक मत पत्र को गिनती में शामिल किया जाएगा। श्रीमती रतूडी के अनुसार अब तक मिले डाक मतपत्रों में बैरंग मतपत्रों की संख्या अधिक है। राज्य में डाक मतदाताओं की संख्या एक लाख 220 है। इनमें से अब तक 20 हजार 762 मतदाताओं के इस्तेमाल में लाए गए डाक मतपत्र प्राप्त हो चुके हैं। इनमें 24 हजार 417 डाक मतपत्रों का मतदातओं ने इस्तेमाल ही नहीं किया। उन्होंने मत पत्र बैरंग लौटा दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार यह डाक मतपत्र सेना तथा सुरक्षा कार्मिकों के अलावा मतदान कर्मियों के भी हैं।
एक लाख से अधिक मतदान कार्मिकों में से सिर्फ 20 हजार 558 कार्मिकों को डाक मतपत्र से वोट करने का विकल्प दिया था। इनमें से 14 हजार 536 डाक मतपत्र संबंधित कार्मिक के मत के साथ वापस आए हैं। इस श्रेणी में सिर्फ सौ डाक मतपत्र बगैर इस्तेमाल के लौटे। डाक मतपत्रों की प्रत्याशियों की जीत हार में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
गौरतलब है कि 2007 के विधानसभा चुनावों में नरेन्द्रनगर सीट पर मात्र चार मतों से तथा पौडी सीट पर 11 मतों से ही हार जीत का फैसला हो गया था जबकि 2008 के गढ़वाल लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने सीधे मतों से हारने के बाद डाक मतपत्रों के सहारे आठ हजार मतों से जीत हासिल की थी।
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