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बाबा राम देव पर बिजली बकाया का आरोप
हरिद्वार, एजेंसी
First Published:22-02-12 06:53 PM
उत्तराखंड सरकार ने योग गुरु राम देव बाबा के पंतजलि योग पीठ पर 76 लाख रुपए के बकाया का आरोप लगाया है। देहरादून स्थित निगम मुख्यालय, उर्जा भवन से प्राप्त जानकारी के अनुसार पतंजलि योगपीठ पर निगम का यह बकाया लंबे समय से हैं। इसकी शुरूआत मीटरों में गड़बडी से हुई थी। यह गड़बडी बिल जमा करते समय कंप्यूटर के रीडिंग को न एक्सेप्ट करने से पकड़ में आई। जानकारी के अनुसार निगम की जांच में पता चला कि पतंजलिपीठ में लगे एक कनेक्शन पर स्वीकृत लोड 20 किलोवाट से अधिक बिजली की खपत हो रही थी। इस वजह से विभागीय कम्प्यूटर ने रीडिंग को स्वीकार नहीं किया।
सूत्रों के अनुसार इस पर निगम ने मीटर बदल दिया और उपभोक्ता को नई रीडिंग के अनुसार भुगतान करने को कहा। निगम का कहना है कि ट्रस्ट ने इसे गलत बताते हुए बिल भुगतान से इनकार कर दिया। जबकि 12 किलोवाट के दूसरे कनेक्शन के मीटर में मल्टीप्लेइंग फैक्टर ही नहीं था। इस वजह से पतंजलि योगपीठ का बिल खर्च की जा रही वास्तविक बिजली से काफी कम का बन रहा था।
मीटर की जांच में इस बात के पकड़ में आने पर गडबडी को ठीक करते हुए निगम ने खर्च की गई वास्तविक बिजली का बिल जमा करने हेतु नोटिस दिया, लेकिन पतंजलि योगपीठ ने इनकार करते हुए इसे गलत ठहरा दिया।
निगम के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि योगपीठ के विद्युत कनेक्शनों ने यह गड़बडी पिछले काफी समय से थी। हाल ही में जांच के दौरान इसे पकडा गया। इन दिनों निगम द्वारा समाचार पत्रों में बडे बकाएदारों की निकलवाई जा रही सूची में पतंजलि योगपीठ का नाम भी जोड़ दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार इस पर निगम ने मीटर बदल दिया और उपभोक्ता को नई रीडिंग के अनुसार भुगतान करने को कहा। निगम का कहना है कि ट्रस्ट ने इसे गलत बताते हुए बिल भुगतान से इनकार कर दिया। जबकि 12 किलोवाट के दूसरे कनेक्शन के मीटर में मल्टीप्लेइंग फैक्टर ही नहीं था। इस वजह से पतंजलि योगपीठ का बिल खर्च की जा रही वास्तविक बिजली से काफी कम का बन रहा था।
मीटर की जांच में इस बात के पकड़ में आने पर गडबडी को ठीक करते हुए निगम ने खर्च की गई वास्तविक बिजली का बिल जमा करने हेतु नोटिस दिया, लेकिन पतंजलि योगपीठ ने इनकार करते हुए इसे गलत ठहरा दिया।
निगम के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि योगपीठ के विद्युत कनेक्शनों ने यह गड़बडी पिछले काफी समय से थी। हाल ही में जांच के दौरान इसे पकडा गया। इन दिनों निगम द्वारा समाचार पत्रों में बडे बकाएदारों की निकलवाई जा रही सूची में पतंजलि योगपीठ का नाम भी जोड़ दिया गया है।
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