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रेल यातायात चौथे दिन प्रभावित, जाटों का अनशन शुरू
हिसार, एजेंसी
First Published:22-02-12 08:56 PM
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर रामायण गांव में रेलवे ट्रैक के निकट धरने पर बैठे किसानों ने अपनी मांगे मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए अनशन शुरू कर दिया है।
जाटों के धरने के कारण इस रेल ट्रैक पर आज लगातार चौथे दिन भी रेलगाडियों का आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। इस आंदोलन के कारण इस रूट पर चलने वाली रेलगाडि़यों को रद्द कर दिए जाने से रेलवे को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।
आज जाट समाज के लोग बजे किताब सिंह, हरिराम, चन्दा सिंह, जय सिंह और प्रेम सिंह ने 24 घंटे के लिए अपना क्रमिक अनशन शुरू किया। समिति की तय रणनीति के मुताबिक हर रोज लगभग आधा दर्जन जाट क्रमवार 24- 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठेंगे।
जाट आंदोलन के शुरू होने के चार दिनों कें भीतर रेलवे को लगभग 50 लाख रूपए का नुकसान हो चुका है। इसके अलावा इस रूट पर चलने वाली विभिन्न रेलगाडियों में सफर के लिए अपनी टिकट बुक कराने वाले यात्रियों ने भी अपना जमा कराया गया किराया वापस लेना शुरू कर दिया है। अब तक लाख रूपए से अधिक की राशि वापस लौटाई जा चुकी है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने यह आंदोलन जाटों को सरकारी नौकरियों में ओबीसी कोटे में आरक्षण दिए जाने तथा पिछले आंदोलन के दौरान जाट समाज के लोगों पर दर्ज किए गए पुलिस केस वापस लेने की मांग लेकर शुरू किया है। रेलवे ट्रैक के पास दिए जा रहे धरने में आज बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी शिरकत की।
जाटों के धरने के कारण इस रेल ट्रैक पर आज लगातार चौथे दिन भी रेलगाडियों का आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। इस आंदोलन के कारण इस रूट पर चलने वाली रेलगाडि़यों को रद्द कर दिए जाने से रेलवे को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।
आज जाट समाज के लोग बजे किताब सिंह, हरिराम, चन्दा सिंह, जय सिंह और प्रेम सिंह ने 24 घंटे के लिए अपना क्रमिक अनशन शुरू किया। समिति की तय रणनीति के मुताबिक हर रोज लगभग आधा दर्जन जाट क्रमवार 24- 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठेंगे।
जाट आंदोलन के शुरू होने के चार दिनों कें भीतर रेलवे को लगभग 50 लाख रूपए का नुकसान हो चुका है। इसके अलावा इस रूट पर चलने वाली विभिन्न रेलगाडियों में सफर के लिए अपनी टिकट बुक कराने वाले यात्रियों ने भी अपना जमा कराया गया किराया वापस लेना शुरू कर दिया है। अब तक लाख रूपए से अधिक की राशि वापस लौटाई जा चुकी है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने यह आंदोलन जाटों को सरकारी नौकरियों में ओबीसी कोटे में आरक्षण दिए जाने तथा पिछले आंदोलन के दौरान जाट समाज के लोगों पर दर्ज किए गए पुलिस केस वापस लेने की मांग लेकर शुरू किया है। रेलवे ट्रैक के पास दिए जा रहे धरने में आज बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी शिरकत की।
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